वह अजनबी, जो कभी अजनबी नहीं था | लघुकथा
इस लघुकथा में आप पढ़ेंगे एक मुलाकात का वो लम्हा जब अधूरी मोहब्बत आकस्मिक सामने दिखाई देती है। शाम के करीब छह बजे थे। बारिश अभी-अभी रुकी थी। सड़क के किनारे एक छोटी-सी चाय की दुकान पर कुछ लोग बैठे चाय पी रहे थे। अमन भी वहीं बैठा था। चाय का पहला घूंट लेते ही … Read more